• गया में 24 घंटे की कार्रवाई के बाद एटीएस खाली हाथ लौटी
  • छह धोखेबाज लॉकअप के पीछे करोड़पति बन गए

शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत गुरुद्वारा रोड पर एक होटल में बिहार एटीएस का 24 घंटे का ऑपरेशन आखिरकार बेकार हो गया। संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों या हथियारों से जुड़ा इनपुट खाली साबित हुआ। बिहार एटीएस की कार्रवाई में पकड़े गए छह लोग जालसाज गिरोह के अपराधी थे। इससे पहले कि ये अपराधी करोड़पति बनने का अपना सपना पूरा कर पाते, वे सलाखों के पीछे पहुंच गए। जालसाज और संदिग्ध को अलग करने में एटीएस को 24 घंटे लग गए। एक कंपार्टमेंट में एक संदिग्ध वस्तु पाई गई थी जिसे पुलिस द्वारा मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद बम नहीं माना गया था। हालांकि, इसकी संतुष्टि के लिए, बिहार एटीएस बम निरोधक दस्ते की टीम रात में पहुंची। टीम ने नदी में ले जाकर संदिग्ध वस्तु की जांच की, जिसमें अंततः बम नहीं था, लेकिन तरल पदार्थ थे। डिब्बे में तरल पदार्थ को मूर्ति के कुछ हिस्सों को शामिल करने के लिए कहा जाता है, जिन्हें गला घोंटकर मार दिया गया था। ये जालसाज उसी डिब्बे में अष्टधातु की मूर्ति बताकर एक अन्य गिरोह के साथ करोड़ों रुपये का लेनदेन करने में शामिल थे।

छह स्टांप पेपर मिले, 25 करोड़ जुटाने की प्रक्रिया में थे

बिहार एटीएस की टीम 24 घंटे की कार्रवाई में कुछ नहीं मिलने के बाद वापस लौट गई। वहीं, इन अपराधियों को जालसाज गिरोह द्वारा पकड़े जाने के बाद कोतवाली थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोतवाली थाना नं। एटीएस और पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए अपराधियों के खिलाफ धारा 420, 406, 467, 468, 471, 120 (बी) और 34 भादवि के तहत 43/21 दर्ज किया गया है। बरामद सामग्रियों में सात मोबाइल, तेल जैसा रसायन, सौ रुपये का छह पीस स्टांप पेपर, टॉर्च, घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, थर्मामीटर, एल्यूमीनियम का तार और अन्य सामान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह 25 करोड़ रुपये जुटाना चाह रहा था। यह कहते हुए कि बुद्ध की अष्टधातु प्रतिमा, मूर्ति तस्करी गिरोह से निपटने की कोशिश कर रही थी।

उसे गिरफ्तार किया गया है, यूपी के दो निवासी

कोतवाली थाने के सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए बदमाशों में गया के बाजितपुर के गुंजेश कुमार उर्फ ​​टाइगर, बनियादगंज थाने के सोंधी गांव के श्रीराम प्रसाद उर्फ ​​साधु, डुमरिया थाने के सगइया के रमेश कुमार उर्फ ​​राजेश कुमार, ओंगारी थाना के थे। नालंदा का स्टेशन। बेनीपुर के ऋषभ उर्फ ​​पिंटू, यूपी के वाराणसी के सारनाथ थाने के गंज के रजनीकांत सिंह और गाजीपुर जिले के करंजा थाने के वासुचक के दिलीप कुमार विश्वकर्मा हैं। ये जालसाज गिरोह के अपराधी हैं।

दस दिन तक होटल में रहा

सोमवार को, गुरुद्वारा रोड पर एक होटल में बिहार एटीएस की छापेमारी की गई, जिसमें छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। होटल में संदिग्ध लोग दस दिनों से रह रहे थे। यदि एटीएस टीम के एक अधिकारी के पास गुप्त इनपुट था, लेकिन इन धोखाधड़ी गिरोह के सदस्य सामने आए हैं। उनके मुताबिक पूरा मामला अब अष्टधातु प्रतिमा की बिक्री से संबंधित धोखाधड़ी से जुड़ा है। इसके लिए गिरोह ने स्टांप पेपर भी तैयार किया था।

 

[ad_2]